दिल्ली मंदिर निर्देशिका
सभा और उससे जुड़े समुदायों द्वारा सेवित दिल्ली भर के सनातन धर्म मंदिर।
सभा और उससे जुड़े समुदायों द्वारा सेवित दिल्ली भर के सनातन धर्म मंदिर।
लाजपत नगर-III
श्री लक्ष्मी नारायण सनातन धर्म मंदिर, लाजपत नगर–III, नई दिल्ली में स्थित एक प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक केंद्र है। इस मंदिर की स्थापना वर्ष 1958 में हुई थी तथा इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 2250 वर्ग गज है। मंदिर में मुख्य विग्रह के रूप में भगवान श्री लक्ष्मी नारायण जी विराजमान हैं, जिनके दर्शन हेतु प्रतिदिन लगभग 500 से 700 श्रद्धालु पधारते हैं। इस मंदिर का संचालन एवं देखरेख श्री सनातन धर्म सभा द्वारा किया जाता है, जो एक विधिवत पंजीकृत ट्रस्ट है, जिसका पंजीकरण संख्या S-466 (1950-1951) है। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का भी एक महत्वपूर्ण मंच है। विशेष रूप से, इस मंदिर को "5C Model" (Cleanliness, Comfortable, Convenience, Clean Energy, Cultural Hub) के आधार पर एक आदर्श मंदिर के रूप में विकसित किया गया है, ताकि यह आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप एक स्वच्छ, सुविधाजनक, पर्यावरण–अनुकूल एवं संस्कारप्रधान केंद्र के रूप में समाज की सेवा कर सके। "परोपकाराय पुण्याय पापाय परपीड़नम्।" — जिसका अर्थ है, "मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि समाज निर्माण का केन्द्र है।" मंदिर में वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों की सुविधा हेतु व्हीलचेयर रैम्प की व्यवस्था है, श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाता है, तथा सभी की सुरक्षा हेतु प्रवेश द्वार, गर्भगृह एवं सभा स्थल पर 24×7 सीसीटीवी निगरानी रखी जाती है। खंडित मूर्तियों, फटे धार्मिक चित्रों एवं पुराने कैलेंडरों के सम्मानजनक संग्रह हेतु विशेष व्यवस्था है। भविष्य की योजनाओं में वरिष्ठ नागरिक क्लब, कौशल विकास केंद्र, ई-लाइब्रेरी एवं 1000 वृक्ष लगाने का लक्ष्य शामिल है।
स्थापना: 1958
मंदिर में अर्पित जल को संचयन प्रणाली से पुनः प्राप्त किया जाता है ताकि वह न दूषित हो न व्यर्थ, अर्पित पुष्पों को कम्पोस्ट मशीन से खाद बनाया जाता है, परिसर में ट्यूब एवं एलईडी प्रकाश तथा 5-स्टार रेटेड वातानुकूलन का उपयोग होता है, और छत पर लगे सौर पैनल मंदिर की बिजली खपत को कम करते हैं। परिसर को पूर्णतः प्लास्टिक-मुक्त भी रखा जाता है, जहाँ प्लास्टिक बैग, बोतल, गिलास एवं प्लेट जैसी सिंगल-यूज़ वस्तुओं का उपयोग वर्जित है।
मंदिर का संचालन एक विधिवत पंजीकृत संस्था के अंतर्गत किया जाता है। यह संस्था संबंधित सरकारी प्राधिकरण (Government Authority) से विधिवत पंजीकृत है, जिसका पंजीकरण संख्या S-466 (1950-1951) है। यह व्यवस्था मंदिर के संचालन में पारदर्शिता (Transparency), विश्वसनीयता (Credibility) एवं उत्तरदायित्व (Accountability) सुनिश्चित करती है।

मंदिर परिसर को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने का संकल्प लिया गया है। इस पहल के अंतर्गत मंदिर में किसी भी प्रकार के सिंगल-यूज़ प्लास्टिक जैसे प्लास्टिक बैग, बोतल, गिलास, प्लेट आदि के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

भगवान शिवलिंग पर अर्पित जल और मंदिर के प्रांगण के जल संचयन की व्यवस्था पिछले 8 वर्षों से जारी है।
आम तौर पर शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल नालियों के माध्यम से व्यर्थ बह जाता है, किन्तु इस मंदिर में इस पवित्र जल को व्यर्थ न जाने देकर Water Harvesting System के माध्यम से पुनः पृथ्वी में समाहित किया जाता है।
यह व्यवस्था श्रद्धा और पर्यावरण संरक्षण का एक अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है, जहाँ एक ओर भक्तों की आस्था का सम्मान होता है, वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर को बढ़ाने में भी योगदान मिलता है।
इस पहल का उद्देश्य यह संदेश देना है कि धार्मिक आचरण के साथ-साथ प्रकृति और पृथ्वी की रक्षा भी उतनी ही आवश्यक है।

मंदिर में भगवान को अर्पित किए जाने वाले फूल, बेलपत्र एवं अन्य पूजन सामग्री के समुचित प्रबंधन हेतु विशेष व्यवस्था जो कि 2019 से जारी है।
इन पवित्र वस्तुओं को न तो कूड़े में फेंका जाता है और न ही नालियों में प्रवाहित किया जाता है। इसके स्थान पर, मंदिर परिसर में Compost Machine / Organic Waste Management System के माध्यम से इनका वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण (Processing) कर जैविक खाद (Organic Compost) तैयार की जाती है।
इस प्रक्रिया से न केवल स्वच्छता बनी रहती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है तथा तैयार की गई खाद का उपयोग वृक्षारोपण एवं हरित क्षेत्र के विकास में किया जाता है।
यह पहल श्रद्धा, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।

मंदिर परिसर में ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सोलर पैनल (Solar Panels) स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) का उपयोग किया जाता है।
साथ ही, पूरे मंदिर परिसर में पारंपरिक बल्बों के स्थान पर ऊर्जा दक्ष एलईडी लाइट्स (LED Lighting) का उपयोग किया गया है, जिससे बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी आती है।
इस पहल के माध्यम से मंदिर न केवल ऊर्जा की बचत कर रहा है, बल्कि ग्रीन एवं सस्टेनेबल मंदिर (Green & Sustainable Temple) के रूप में एक आदर्श उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा है।

मंदिर परिसर की सुरक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक सीसीटीवी कैमरा सिस्टम (CCTV Surveillance System) स्थापित किया गया है।
मंदिर के प्रमुख स्थानों जैसे प्रवेश द्वार, गर्भगृह के आसपास, सभा स्थल एवं अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से 24×7 निगरानी रखी जाती है।

उपरोक्त सभी व्यवस्थाओं एवं सेवाओं के माध्यम से मंदिर को एक आदर्श, स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल एवं समाजोपयोगी केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। मंदिर का उद्देश्य केवल पूजा-अर्चना तक सीमित न रहकर समाज सेवा, संस्कार निर्माण एवं पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से मानव कल्याण में योगदान देना है।
मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिजिटल दान प्रणाली (UPI / QR Code आधारित) विकसित की गई है।

UPI आईडी: ivq986ip04ql@idbi