श्री सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा का प्रतीक चिन्हश्री सनातन धर्मप्रतिनिधि सभा

सूर्य देव जी की आरती

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति-नन्दन। त्रिभुवन-तिमिर निकन्दन भक्त-हृदय-चन्दन॥ टेक ॥

सप्त-अश्वरथ राजित एक चक्रधारी। दुखहारी-सुखकारी, मानस-मल-हारी॥ जय ॥

सुर-मुनि-भूसुर-वंदित, विमल विभवशाली। अघ-दल-दलन दिवाकर दिव्य किरण माली॥ जय ॥

सकल-सुर्कम-प्रसविता सविता शुभकारी। विश्व-विलोचन मोचन भव बंधन भारी॥ जय ॥

कमल-समूह-विकासक, नाशक त्रय तापा। सेवत सहज हरत अति मनसिज-संतापा॥ जय ॥

नेत्र-व्याधि-हर सुरवर भू-पीड़ा-हारी। वृष्टि-विमोचन संतत परहित-व्रतधारी॥ जय ॥

सूर्यदेव करूणाकर अब करूणा कीजै। हर अज्ञान-मोह सब तत्त्वज्ञान दीजै॥ जय ॥

पूछताछ करनी है? हमसे व्हाट्सऐप पर जुड़ें