श्री सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा का प्रतीक चिन्हश्री सनातन धर्मप्रतिनिधि सभा

आरती श्री काली मैया की

मंगल की सेवा सुन मेरी देवी, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े। पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले ज्वाला तेरी भेंट करें॥ सुन जगदम्बे कर न विलम्बे सन्तन के भंडार भरे। सन्तान प्रतिपाली सदा खुशहाली, जय काली कल्याण करे॥

बुद्धि विधाता तू जगमाता, मेरा कारज सिद्ध करे। चरण कमल का लिया आसरा, शरण तुम्हारी आन परे॥ जब जब पीर पड़े भक्तन पर तब तब आये सहाय करे। सन्तान प्रतिपाली सदा खुशहाली, काली कल्याण करे॥

बार बार तै सब जग मोहयो, तरूणी रूप अनूप धरे। माता होकर पुत्र खिलावें, कही भार्या बन भोग करे॥ संतन सुखदायी, सदा सहाई, सन्त खड़े जयकार करें। संतन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जय काली कल्याण करे॥

ब्रह्मा विष्णु, महेश फल लिए भेंट देन सब द्वार खड़े। अटल सिंहासन बैठी माता, सिर सोने का छत्र धरे॥ वार शनिचर कुकुमवरणी, जब लुकुड़ पर हुक्म करे। सन्तान प्रतिपाली सदा खुशहाली, जय काली कल्याण करे॥

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